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  • Writer's pictureKishori Raman

एक साँवली सी लड़की - राम्या*- भाग -२

Updated: Dec 4, 2021

हालाँकि मैं बड़ा शरीफ दीवाना था , किसी को पता नहीं चलने देता था कि मैं उस लड़की को चाहता हूँ, पर यार दोस्त को पता चल ही गया था एक्सीडेंट के बाद / और तो और शायद उस लड़की को भी पता चल गया था कि मैं उसे देखने के चक्कर में चोटिल हो गया हूँ / अतः एक दिन वह मुझे देख कर मुस्कुराई थी…शायद हर्जाने के तौर पर / हमारे समय में किसी लड़की से दो बात कर लेना ही बड़ी बात थी / साथ घूमना – फिरना तो दूर की बात थी / मुझे याद है जब डिबेट में मुझे प्रथम पुरस्कार मिला था तो बहुत सारे लोग मुझे बधाई दे रहे थे / वो भी सामने खड़ी थी बधाई देने के लिए / पर वह तब तक इंतज़ार करती रही जब तक सबलोग वहाँ से चले नहीं गए / फिर वह पास आयी …बधाई हो सर , धन्यवाद / पर सर क्यों बोल रही हो ? आप मेरे सीनियर है न इसलिए, और वह खिलखिलाते हुए हँसी और तेज़ क़दमों से गर्ल्स कॉमन रूम की तरफ चली गई / मेरा दोस्तों को यह दिखाने . का अरमान कि देखो मुझ से भी कोई लड़की बात करती है, धरा का धरा रह गया / फिर बहुत दिनों के बाद उससे सामना हुआ / जूलॉजी प्रैक्टिकल क्लास से मैं निकल रहा था और उसके क्लास के लोग हमलोगों के निकलने का इंतज़ार कर रहे थे / उसके बाद का क्लास उन्ही लोगों का था / वो कुछ दूर खड़ी थी / हेल्लो, कैसी हो ? मैंने पूंछा / ठीक हूँ …उसने छोटा सा ज़बाब दिया / शायद अपने आस पास खड़े साथियों से डर रही थी / राम्या, कल शाम में ऑडिटोरियम में एक कवि – सम्मलेन का आयोजन किया गया है ..तुम आओगी न ? मेरी भी कविता होगी / नहीं आ पाऊँगी ..वह बोली / क्यों भला ? मैंने आश्चर्य से पूछा /,,, क्योंकि सारे कवि मुझे बेवकूफ लगते है और सारी कविताएँ बकवास/ मैं जानता था कि मुझे चिढाने के लिए ऐसा बोल रही है / वह उस कवि सम्मेलन में कहीं दीखाई नहीं पड़ी थी, तो दुसरे दिन मैंने शिकायत के लहजे में कहा था ..तो तुम्हे कवितायेँ पसंद नहीं है / किसने कह दिया ? मुझे तो पसंद है और खास कर वो कविता जो तुमने पढ़ी थी ..और उसने मेरी कविता के कुछ पंक्तियों को दुहरा दिया / मुझे आश्चर्य हुआ / कैसी लड़की है ? .. मैं पुरानी यादों में खो गया था / तभी उधर से आवाज़ आयी, बाद में फ़ोन करुँगी और फ़ोन कट गया / मैं अचंभित , मंत्रमुग्ध और निहाल अपनी जगह पर जड़ बैठा था / फ़ोन तो कट गया था …पर पुरानी बातें दिमाग में घुमने लगी थी / ज़िन्दगी के उतार-चढ़ाव, घर-परिवार, दोस्त, नाते -रिश्ते और यहाँ तक का सफ़र यानी नौजवान से बुढापे तक का सफ़र सब याद आ रहा था / उसके बाद तो …रोज़ ही उसके फ़ोन का इंतज़ार रहने लगा… / मैंने उसके नंबर को राम्या के बदले रमाकांत सेव किया था / और आज इतने दिनों बाद उसका फ़ोन आया भी तो बात नहीं हो सकी / मैं बस इंतज़ार ही करता रहा और कर भी क्या सकता था/ क्या बात है ? किसके फ़ोन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हो ? मिसेज़ ने पूछा तो तन्द्रा भंग हुई / नहीं नहीं, एक दोस्त है रमाकांत, बस उसी का फ़ोन था / फ़ोन कट गया अतः बात नहीं हो सकी.. मैंने ज़बाब दिया / एक सप्ताह बाद , रविवार का दिन था और मैं टी वी पर मूवी देख रहा था ..”साढ़ की आँख” / बड़ा मज़ा आ रहा था कि मोबाइल की घंटी बजी / मैंने बिना नंबर देखे कॉल रिसीव किया …हेल्लो,/ फिर अचानक चौक उठा, उधर से राम्या बोल रही थी / मिसेज़ ने मुझे घूरते हुए कहा ..क्या बात है ? क्यों चौक गए आप ? कुछ नहीं , बस यूँ ही और मैं बाहर बालकनी में आ गया / हाँ तो मिस्टर शांत, कैसे है आप ? राम्या, अब तो बता दो कि कहाँ से बोल रही हो ? अभी तुम कहाँ हो ? अरे अपने घर परिवार के बारे में कुछ तो बताओ ? मैंने खुशामदी लहजे में धीरे से कहा / उधर से हंसने की आवाज़ आई / मैं तो तुम्हारे शहर में ही हूँ / तुम्हारे आस- पास ही / मेरा भी परिवार है ,बच्चे है / तो क्या हमलोग मिल नहीं सकते ? तुमसे ढेर सारी बातें करना चाहता हूँ / मैंने बच्चो जैसी अधीरता से कहा / उधर से फिर हंसने की आवाज़ आई / मिस्टर शांत आप अभी भी बिलकुल पहले जैसी बातें कर रहे है …वही अंदाज़…कुछ भी नहीं बदला है / मैंने गुस्से से अपना मोबाइल ऑफ कर दिया / कुछ ही देर में मोबाइल की घंटी फिर बजी / उसी का फ़ोन था / शायद उसे अंदाज़ हो गया था कि मैं नाराज़ हो गया हूँ / उधर से आवाज़ आयी ..तुम मिलना चाहते हो न मुझसे ? हाँ, मैं तुमसे मिलना चाहता हूँ ..मैंने कहा / ठीक., .कल मिल सकते हो क्या. ? .उधर से आवाज़ आयी / हाँ हाँ ,..कहाँ और कब मिलना है ? बताओ…मैंने कहा / शाम को पांच बजे …इको पार्क, गेट नंबर एक के बाहर और इतना कह कर उसने कॉल काट दिया / और अब मैं कल के पांच बजने का इंतज़ार लगा / समय जैसे पहाड़ लग रहे थे / घडी की सुई मानो आगे बढ़ ही नहीं रही थी / किशोरी रमण




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2 commentaires


kumarinutan4392
kumarinutan4392
12 déc. 2021

Very nice.....

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Membre inconnu
24 nov. 2021

Bahut hi Sundar kahani......

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