top of page
  • Writer's pictureKishori Raman

कविता " कभी तो आयेगी "



" कभी तो आयेगी " वो सुबह कभी तो आयेगी जब चिड़ियाँ चह-चहायेगी फिजाओं में फूल खिलेंगे आँगन में धूप मुस्कुरायेगी तारों से सजी ये रात होगी जुगनुओं की बारात होगी मंद हवाओं के झोकों में खुशबूओं की सौगात होगी तब हम होंगेंऔर जमाना होगा हमारे प्यार का फ़साना होगा वख्त जब आकर ठहर जाएगा जाने का न कोई बहाना होगा उन्हें ख़ुदा की कायनात कहेंगे वो आयेंगी तो उनसे बात करेंगे अगर होगा मेरी दुवाओं में असर अपनी ग़ज़ल से मुलाकात करेंगें कुछ वो कहेगी कुछ मैं भी कहूँगा मुहब्बत का इजहार कर के रहूँगा अपने भी किस्से तब होंगे मशहूर जब वो लैला और मैं मजनूँ बनूँगा किशोरी रमण BE HAPPY....BE ACTIVE...BE FOCUSED...BE ALIVE If you enjoyed this post, please like , follow,share and comments. Please follow the blog on social media.link are on contact us page. www.merirachnaye.com


64 views4 comments

Recent Posts

See All
Post: Blog2_Post
bottom of page