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  • Writer's pictureKishori Raman

# प्यार का मरहम #


ये दुनिया तो सिर्फ आना जाना है नही किसी का स्थायी ठिकाना है जीलो अपनी जिन्दगी को जी भर यहाँ प्यार ही जीने का बहाना है आज भला कैसे कहेंगे कि हम पढ़ लिख कर समझदार बने हैं कल तक जो घर एक था हमारा उसी के आँगन में दीवार बने हैं जब सभी खुदा के बंदे हैं तो जाति धर्म का भेद क्यो है जब सभी यहाँ है भाई भाई फिर आपस मे मतभेद क्यो है अब छोड़ो भी ये गिले-शिकवे हम आज गले मिल जाते है जो जख्म दिए हैं अपनो ने वहाँ प्यार का मरहम लगाते हैं किशोरी रमण BE HAPPY....BE ACTIVE...BE FOCUSED...BE ALIVE If you enjoyed this post, please like , follow, share and comments. Please follow the blog on social media. link are on contact us page. www.merirachnaye.com




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4 Comments


sah47730
sah47730
Dec 30, 2021

अच्छी कविता ! प्यार पर ही दुनिया टिकी है।फिर भी इसकी कमी होती जा रही है।

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kumarinutan4392
kumarinutan4392
Dec 30, 2021

Very nice...

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verma.vkv
verma.vkv
Dec 30, 2021

बहुत सुंदर कविता ।

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Unknown member
Dec 30, 2021

Very nice.....

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