top of page
  • Writer's pictureKishori Raman

" विकल्प तलाशना चाहिए "


जब सता का अहंकार लोकतंत्र से बड़ा होता है

तब  वह  इंसानियत के  खिलाफ़ खड़ा होता है

जनता  पाखंड में ही दुखों का  निदान ढूंढती है

और संविधान  कही  हासिए  पर पड़ा होता है


जब जब कलम पर बंदूक का पहरा होता है

तब तब न्याय तंत्र  गूंगा और  बहरा होता है

फिर  हक मांगने  वाले  लोग  जेल जाते है

और  प्रश्न पूछने वाले देश द्रोही कहलाते है


पहले धर्म और राजनीति का मेल होता है

फिर  हर  तरफ नफरत  का खेल होता है

मानवता होती है रोज ही यहां पर शर्मशार

तब झूठ के आगे सच्चाई भी फेल होता है


तब  सबको कोई विकल्प तलाशना चाहिए

एक जुट हो कर अपना हक मांगना चाहिए

हमारे संविधान ने जो हमेअधिकार दिया है

समय  की कसौटी पर उसे  जांचना चाहिए


किशोरी रमण


BE HAPPY....BE ACTIVE...BE FOCUSED...BE ALIVE


If you enjoyed this post, please like , follow, share and comments.

Please follow the blog on social media. link are on contact us page.

 


183 views3 comments

3 comentarios


Miembro desconocido
11 abr

बहुत ही सुंदर।

Me gusta

verma.vkv
verma.vkv
05 mar

बहुत सही।

Me gusta

Sursen Roy
Sursen Roy
29 feb

शानदार रचना जो वर्तमान राजनीति पर कड़ा व कटु प्रहार करती है।

Me gusta
Post: Blog2_Post
bottom of page